Saturday, August 25, 2012

“एक और ज़िन्दगी है..”


हकीकत से  परे .. एक  और  ज़िन्दगी  है ..
तेरे  ख्वाबो  में  है .. मेरे  ख्यालो  में  है ..!!
वहाँ  ज़िन्दगी  के  सब  जवाब  मिल  जाते  हैं ..
यहाँ  ज़िन्दगी  का  ‘अर्थशायद  सिर्फ  सवालों  में  है ..
वहाँ  दिलो  की  रौनक  से  ‘रौशनीहै  सारे  जहान में ..
यहाँ  रौशनी  सिर्फ  जलती  हुई  मशालों  में  है ..!!
या  फिर  कौशिश  करते  हैं  उस  जहान  को  इस  जहान  में  लाने  की ..
चल  कौशिश  करते  हैं  दूसरों पे  ‘अपना ’ होने  का  हक  जताने  की ..
समेटने  से  जहान  नही  बनता ..
चल  कौशिश  करते  हैं  मुस्कुराहटें   बांटने  की .. और  इस  जहान  को  अपना  बनाने  की ..!!
तकलीफ  में  आंसू  तो  कई   बार  बहाए  हैं  हमने ..
चल  कौशिश  करते  हैं  इस  बार  तकलीफ  में  मुस्कुराने की ..
हकीकत  से  परे .. एक  और  ज़िन्दगी  है ..
तेरे  ख्वाबो  में  है .. मेरे  ख्यालो  में  है ..!!

अजय बामल 



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